कानपुर संवाददाता: नवीन मार्केट के सुंदरीकरण की कवायद शुरू

नवीन मार्केट के सुंदरीकरण की कवायद शुरू हो गई है। जल्द ही यहां लोगों के बैठने के लिए बेंच बनेगी और स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। लाइटें ऐसी होंगी कि पूरा मार्केट दूधिया रोशनी से नहा उठेगा। इतना ही नहीं यहां आने वाले लोगों को फूलों की भीनी-भीनी खुशबू भी मिलेगी, क्योंकि यहां केडीए फूल भी लगाएगा। इतना ही नहीं यहां वाहनों की पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। केडीए यहां के मुर्गा मार्केट की भूमि पर सात मंजिला पार्किंग बनाएगा और दोमंजिल में शॉपिंग कांप्लेक्स भी बनेगा। ये सारे कार्य 58 करोड़ रुपये से होंगे।

नवीन मार्केटपरेड चौराहा के आसपास और नवीन मार्केट में वाहनों की बेतरतीब पार्किंग की वजह से लोगों को काफी समस्या होती है। शाम के समय तो लोगों को जाम से भी जूझना पड़ता है, क्योंकि लोग दो पहिया और चार पहिया वाहन आधी सड़क तक खड़े कर देते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए ही समग्र विकास समिति के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने परेड स्थित मुर्गा मार्केट और बीपी श्रीवास्तव मार्केट पर पार्किंग की स्थापना का प्रस्ताव दिया था, जिसे मंडलायुक्त मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने स्वीकार करने के साथ ही केडीए से इसका डीपीआर भी बनवाया। योजना के तहत नवीन मार्केट स्थित दुकानों के बोर्ड एक ही कलर के होंगे। यहां लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही एलईडी लाइटें लगेंगी ताकि कम बिजली की खपत हो और पूरा नवीन मार्केट दूधिया रोशनी में नहा उठे। विभिन्न प्रजातियों के फूल और खूबसूरत पौधे लगाए जाएंगे। बहुमंजिली इमारत में बनने वाली पार्किंग में करीब तीन हजार वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था होगी। शॉपिंग कांप्लेक्स बनने के बाद तो लोगों को एक ही परिसर में कई तरह के जरूरत के सामान भी उपलब्ध हो जाएंगे। इन कार्यो के लिए केडीए ने टेंडर आमंत्रित किए हैं। दो जुलाई तक निविदा पत्र प्राप्त करने की समय सीमा रखी गई है। यह पूरा काम 18 माह में पूरा किया जाना है।

गांवों में अस्पतालों की स्थापना हो या फिर रीजनल साइंस सेंटर की या फिर सोलर पावर प्लांट का निर्माण। अब इन कार्यो के लिए भूमि की कमी नहीं पड़ेगी। इतना ही नहीं केडीए भी आवासीय योजनाएं लांच कर सकेगा। योजनाओं को धरातल पर लाने में अब भूमि की कमी बाधा नहीं बनेगी। प्रशासन के पास भूमि तो थी, लेकिन उस पर भूमाफियाओं का कब्जा था। डीएम ने अभियान शुरू किया तो करीब दस अरब रुपये की 642.858 हेक्टेयर भूमि कब्जा मुक्त हो गई है। अभी करीब इतनी ही भूमि कब्जा मुक्त होना बाकी है।

Advertisements