गंगा कटरी में फिर गूंजी बाघ की दहाड़

कानपुर : अपनी तलाश में सरकार के करीब पांच करोड़ रुपये खर्च करा चुका बाघ गंगा कटरी में फिर लौट गया है। पांच माह बाद दहशत का पर्याय बने बाघ ने कानपुर-उन्नाव सीमा पर कन्हवापुर गांव में रविवार तड़के नीलगाय को निवाला बना दिया। उसकी दहाड़ सुनने के बाद एक बार फिर कई गांवों में दहशत फैल गई। खेतों पर मौजूद ग्रामीणों ने नीलगाय के रंभाने की आवाज सुनी, जिसे बाघ ने दबोच कर गिरा दिया था लेकिन पास जाकर देखने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। उसके पंजे के निशान व शिकार का पड़ा खून देख लोगों के हाथ पांव फूल गए।

12_07_2015-12kan-66-c-1.5बैराज मार्ग के किराने स्थित कन्हवापुर गांव के किसान जगन्नाथ ने बताया कि खेतों में तरोई बो रखी है और रात में आसपास के अन्य किसानों के साथ खेतों में ही रुकते हैं। किसान के अनुसार तड़के सुबह करीब चार बजे नीलगाय का झुंड उनके खेतों के पास गुजरा, तभी बाघ ने अचानक हमला बोल दिया। इस बीच बाघ ने एक नील गाय को दबोच लिया। नील गाय के चिल्लाने की आवाज उन्होंने सुनी थी पर भय के कारण पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। सुबह तक इंतजार करने के बाद किसान झुंड में मौके पर पहुंचे तो उन्होंने कटरी के जंगल की ओर जाते हुए बाघ के पंजों के निशान देखे व मौके पर जानवर का खून भी पड़ा हुआ था। यह देख किसानों ने बाघ के वापस लौट आने की बात कही है। शाम तक ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को भी खबर दी थी, जो बाघ की तलाश में वापस कटरी में बाघ से मोर्चा लेने के लिए निकल पड़ी है।

टीम व हाथी लौट चुके : पीलीभीत, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ व उन्नाव के बाद कानपुर नगर में दहशत का पर्याय बन चुका शातिर बाघ पकड़ा तो नहीं जा सका लेकिन उस पर पांच करोड़ जरूर खर्च हो गए। दो सप्ताह पहले दो हाथी भी सर्च टीम की तरह वापस लौट गए हैं। अब हाथी ही नहीं टीम को वापस बुलाने की तैयारी चल रही है।

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अनुमानित खर्च का विवरण

इसमें खर्च लाख रुपये

डीजल 9.76

वेतन 59.80

पड़वा खरीद 0.30

गेस्ट हाउस 1.35

खाना पीना 30

अन्य खर्च 398

एक हजार क्विंटल गन्ना हजम : सर्च आपरेशन में पिछले दिनों लगी रामकली व गंगाकली हाथी एक हजार कुंतल गन्ना चूस गए। दोनों के लिए चार लाख रुपये के गन्ने की खरीद कानपुर देहात से की गई थी, जबकि 20 हजार रुपये का गुड़, 9150 रुपये का आटा, 21760 रुपये का चना, 24400 रुपये का सरसो का तेल व 1.46 लाख रुपये का चारा खरीदा जा चुका है। चूंकि गन्ना देहात से 60 से 70 किमी दूर से आ रहा है, इसलिए गन्ना का ट्रांसपोर्ट चार्ज भी लाखों रुपये खर्च हो चुके है।

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