रेलवे के अफसर अगर सुन लेते इनकी बात, तो बच जाती 100 यात्रियों की जान!

कानपुर: उत्तर प्रदेश में कानपुर देहात के पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास इंदौर से पटना जा रही ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने से 96 लोगों की मौत हो गई व 200 से अधिक यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद अब यह बात सामने आ रही है कि अगर रेलवे के अधिकारी एक यात्री की बात को मान लेते तो इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था।

टल सकता था यह दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के सीतामऊ में रहने वाले प्रकाश शर्मा ने भी इस ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त हुए एस-2 कोच में इंदौर से उज्जैन तक सफर किया था। दुर्घटना होने के बाद प्रकाश शर्मा ने एक समाचार पत्र से बातचीत में बताया कि वह ट्रेन में नियमित रुप से सफर करते रहते हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार उन्हें एेसा लग रहा था कि पहियों में कुछ अलग तरह की आवाज आ रही थी। प्रकाश शर्मा ने एस-2 कोच में हीं मौजूद रेलवे के कुछ अधिकारियों और टीसी को तुरंत इस बारे में जानकारी दी। लेकिन रेलवे के अफसरों ने इस बात को सामान्य बताकर टाल दिया था। प्रकाश ने बताया कि, इंदौर से ट्रेन रवाना होने के करीब डेढ़ घंटे बाद वह उज्जैन स्टेशन पर उतर गए थे। रविवार सुबह उन्हें हादसे की सूचना मिली तो लगा कि उनकी आशंका सच साबित हो गई।

हादसे में 100 की मौत, 200 से अधिक घायल
प्रकाश शर्मा का कहना है कि यदि रेलवे के अफसर उनकी बात को गंभीरता से लेते तो इस हादसे को टाला जा सकता था। फिलहाल अभी तक इंदौर-पटना ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजहों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है, जिसके बाद ही इस दर्दनाक हादसे के कारणों का पता चल सकेगा। आपको बता दें कि कानपुर देहात के पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास तड़के इन्दौर-पटना एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में 100 लोगों की मौत हो गई व 200 से अधिक लोग घायल हो गए। अचानक हुए इस हादसे के समय ज्यादातर यात्री सो रहे थे। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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